ग्वालियर में बुधवार को TET अनिवार्यता के खिलाफ सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं सड़कों पर उतर आए और दोपहर करीब 1:00 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्वालियर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को शहर में सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने TET को “काला कानून” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
अलकापुरी चौराहे से शुरू हुई रैली में शिक्षक हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुए और TET के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश, भोपाल के आदेश क्रमांक 356 दिनांक 2 मार्च 2026 को निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले उन शिक्षकों को राहत देने की मांग की गई है, जिन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त किया गया था।
शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में वर्ष 1997 से 2000 तक शिक्षाकर्मी, 2001 से 2009 तक संविदा शिक्षक एवं गुरुजी के रूप में नियुक्तियां नियमानुसार हुई थीं। वहीं वर्ष 2011 के बाद नियुक्त सभी शिक्षक TET उत्तीर्ण करने के बाद ही सेवा में आए हैं। ऐसे में 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET लागू करना न्यायसंगत नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश सरकारों ने अपने-अपने राज्यों में इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दी है। इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार से भी मांग की गई है कि वह शिक्षकों के हित में पुनर्विचार याचिका दायर करे।
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो पूरे मध्यप्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में निरंजन सिंह गुर्जर, हिम्मत सिंह यादव, राजेश मिश्रा, लक्ष्मी नारायण जाटव, रईस गौरी, अरुण प्रताप सिंह, गजेंद्र सिंह गुर्जर, मानवेंद्र सिंह, शकुंतला यादव, पद्मनारायण शर्मा, रामावतार मौर्य, राजेंद्र पवार, प्रीति शर्मा, शशि कुशवाहा, शिवकुमारी लोधी, राजेंद्र सिंह, हाकिम सिंह पाल, मनोज बारिया सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।

