ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के बंसीपुर कैंटोनमेंट में सरकारी राशन के चावल से जुड़ा मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। खाद्य विभाग की टीम ने लोडिंग वाहन में करीब 30 बोरी चावल पकड़े थे। इसके बाद आनन-फानन में संबंधित उचित मूल्य की दुकान को सील किया गया, लेकिन दूसरे ही दिन मौके से सील गायब मिली।
इस पूरे मामले में अब एक अन्नदूत योजना के ट्रक की भूमिका भी सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसी ट्रक से सरकारी चावल की बोरियां छोटे लोडिंग वाहन में रखी गई थीं। ऐसे में सवाल है कि अन्नदूत ट्रक से चावल किसके निर्देश पर उतारा गया और छोटे वाहन में क्यों लोड किया गया?
सबसे अहम बात यह है कि घटना को करीब 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी मामले में नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। यानी इतने दिन बाद भी जांच किस नतीजे पर पहुंची, यह स्पष्ट नहीं है।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सरकारी चावल की बोरियां एक वाहन से दूसरे वाहन में ट्रांसफर की गई थीं, तो उस अन्नदूत ट्रक और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच कब होगी?
इस पूरे मामले से जुड़ा एक महत्वपूर्ण वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अन्नदूत योजना के ट्रक से छोटे लोडिंग वाहन में चावल के बोरे रखे जाते हुए दिखाई देने का दावा है। जल्द ही हम यह पूरा वीडियो आपके सामने पेश करेंगे, ताकि आप खुद देख सकें कि सरकारी चावल की बोरियां किस तरह एक वाहन से दूसरे वाहन में पहुंचाई गईं।
फिलहाल खाद्य विभाग की कार्रवाई और जांच पर सवाल बने हुए हैं। अब देखना होगा कि नोटिस के बाद विभाग की अगली कार्रवाई क्या होती है और अन्नदूत ट्रक की भूमिका पर क्या जांच सामने आती है।
पूरे मामले को सरल भाषा में देखें तो घटनाक्रम कुछ इस तरह बनता है:
1. बंसीपुर कैंटोनमेंट, वार्ड 16 की सरकारी उचित मूल्य की दुकान से करीब 30 बोरी सरकारी चावल छोटे लोडिंग वाहन में रखे जाने की सूचना मिली।
2. खाद्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोडिंग वाहन MP07-L-3514 को पकड़ लिया और चावल को अपने कब्जे में लिया।
3. इसके बाद उचित मूल्य की दुकान को सील किया गया। लेकिन आपके अनुसार, अगले ही दिन दुकान की सील गायब मिली। यह अपने आप में जांच का सवाल है कि सील कैसे और किन परिस्थितियों में हटी।
4. अब मामले में अन्नदूत योजना के एक ट्रक का एंगल सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकारी चावल की बोरियां इसी ट्रक से छोटे लोडिंग वाहन में रखी गई थीं। अगर वीडियो से यह बात पुष्ट होती है, तो जांच सिर्फ छोटे वाहन तक सीमित न रहकर उस अन्नदूत ट्रक और उससे जुड़े रिकॉर्ड तक भी जानी चाहिए।
5. घटना को करीब 6 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी खाद्य विभाग के अधिकारी यह कह रहे हैं कि मामले में नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
6. इसलिए मुख्य सवाल ये हैं:
- सरकारी चावल छोटे वाहन में क्यों लोड किया जा रहा था?
- चावल किस वाहन से आया था?
- अन्नदूत ट्रक की इसमें क्या भूमिका थी?
- दुकान को सील करने के बाद अगले दिन सील कैसे गायब हुई?
- 6 दिन बाद भी कार्रवाई नोटिस तक ही क्यों सीमित है?
- जिस वाहन से चावल आया, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
“30 बोरी सरकारी चावल पकड़ा गया, दुकान सील हुई और अगले दिन सील गायब मिली; अब अन्नदूत ट्रक से चावल छोटे वाहन में लोड होने का वीडियो सामने आने का दावा—लेकिन 6 दिन बाद भी खाद्य विभाग नोटिस की कार्रवाई में।”

