ग्वालियर। 26 मई 2026
अंचल में दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे मुर्दों के हक पर भी डाका डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर जिले के ग्राम कोठी का है, जहां मंगलवार दोपहर को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बुजुर्ग के शव को बीच सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि गांव के दबंगों ने श्मशान घाट की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिसके चलते अब शवों के अंतिम संस्कार के लिए दो गज जमीन भी नसीब नहीं हो पा रही है।
अंतिम संस्कार की जगह नहीं बची, सड़क पर रखा शव
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कोठी में मंगलवार को एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। परिजन जब अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां दबंगों का कब्जा देख उनके सब्र का बांध टूट गया। श्मशान की भूमि पर कब्जा होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए जगह ही नहीं बची थी।
दबंगई और प्रशासनिक अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने बुजुर्ग की डेड बॉडी को उठाया और बिक्की फैक्ट्री के पास मुख्य सड़क पर लाकर रख दिया। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क को दोनों तरफ से ब्लॉक कर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, घंटों चला हंगामा
सड़क पर शव रखकर चक्काजाम और भारी हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। वे साफ तौर पर मांग कर रहे थे कि:
श्मशान भूमि को तुरंत कब्जामुक्त कराया जाए।
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले दबंगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित जगह दिलाई जाए।
आश्वासन के बाद खुला जाम, जांच में जुटी पुलिस
अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। तीखी बहस और हंगामे के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि श्मशान भूमि के सीमांकन की जांच कराई जाएगी और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
> *अधिकारियों के ठोस आश्वासन और तत्काल कार्रवाई के भरोसे के बाद ही ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद सड़क से शव को हटाया गया और करीब कई घंटों से लगा जाम खुलवाया जा सका। फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मामले की बारीकी से जांच कर रही है।*

