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ग्वालियर/राजगढ़ | द एक्सपोज एक्सप्रेस
खबर के मुख्य बिंदु
मासूम का सौदा:राजगढ़ के कटारिया खेड़ी से अगवा 17 साल 8 महीने की नाबालिग को ग्वालियर में बेचा गया।
सस्ती जान, घिनौना धंधा: आरोपी बंटी कंजर ने दोस्ती का झांसा देकर ढाई लाख रुपये में किया सौदा।
ज्वाइंट ऑपरेशन: राजगढ़ और ग्वालियर पुलिस की टीम ने बदनापुरा बस्ती में दी दबिश।
भूखी-प्यासी मिली पीड़िता: राजेश कालकोर के सूने मकान का ताला तोड़कर अंदर बंद लड़की को छुड़ाया।
6 पर एफआईआर: मुख्य आरोपी बंटी समेत 6 लोगों पर अपहरण और मानव तस्करी का केस दर्ज।
✍️ मुख्य समाचार: दोस्ती की आड़ में दरिंदगी, बदनाम बस्ती में फिर मानव तस्करी
ग्वालियर। मध्य प्रदेश का ग्वालियर शहर एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना का गवाह बना है। देह व्यापार और मानव तस्करी के लिए लंबे समय से बदनाम रही पुरानी छावनी थाना क्षेत्र की **बदनापुरा बस्ती** में युवतियों की खरीद-फरोख्त का घिनौना खेल थमा नहीं है। ताजा मामले में राजगढ़ से अगवा की गई एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने इस बस्ती के एक बंद मकान से सकुशल बरामद किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता को उसके ही एक तथाकथित दोस्त ने महज़ 2.50 लाख रुपये में बेच दिया था।
🔴 दोस्ती का नाटक कर ग्वालियर लाया, फिर लगा दी बोली
मामला राजगढ़ जिले के कटारिया खेड़ी गांव का है। यहाँ रहने वाली 17 साल 8 महीने की एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर राजगढ़ एसपी अमित तोलानी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। तीन दिनों तक पुलिस और बेबस परिजन उसकी तलाश में भटकते रहे। आखिरकार, तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता चला कि लड़की ग्वालियर की बदनापुरा बस्ती में है।
जांच में जो सच सामने आया, वह रूह कंपा देने वाला है। गांव के ही आरोपी **बंटी कंजर** ने पहले लड़की से दोस्ती की, उसका भरोसा जीता और फिर उसे बहला-फुसलाकर जबरन ग्वालियर ले आया। यहाँ लाकर उसने बदनापुरा बस्ती के तस्करों से संपर्क किया और मासूम को ढाई लाख रुपये में बेचकर खुद फरार हो गया।
#### 🛠️ बंद मकान का ताला तोड़ा, तो अंदर बिलख रही थी मासूम
लोकेशन कंफर्म होते ही राजगढ़ पुलिस की टीम ग्वालियर पहुँची। ग्वालियर पुलिस और पुरानी छावनी थाना पुलिस के साथ मिलकर बदनापुरा बस्ती में एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस की टीमों ने बस्ती के कई संदिग्ध ठिकानों और घरों को खंगाला।
इसी दौरान पुलिस की नज़र राजेश कालकोर नाम के व्यक्ति के एक सूने मकान पर पड़ी। मकान के मुख्य दरवाज़े पर बाहर से बड़ा ताला लटका हुआ था। पुलिस को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत ताला तोड़ दिया। अंदर कदम रखते ही पुलिस के भी होश उड़ गए; वह मासूम बच्ची अंदर एक अंधेरे कमरे में बंधक बनी रो रही थी। वह पिछले कई घंटों से भूखी-प्यासी वहां कैद थी।
🗣️ पुलिसिया कार्रवाई और सीएसपी का बयान
इस पूरे सनसनीखेज रेस्क्यू ऑपरेशन पर बात करते हुए ग्वालियर के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया:
"बदनापुरा में देह व्यापार और युवतियों की खरीद-फरोख्त का यह धंधा बेहद गंभीर है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में मानव तस्करी के मास्टरमाइंड की पहचान हो चुकी है। आरोपी बंटी कंजर समेत छह अन्य आरोपियों के खिलाफ अपहरण और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।"
फिलहाल राजगढ़ पुलिस की टीम नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर रवाना हो गई है, जहाँ नियमानुसार उसका मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई जाएगी। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
💥 द एक्सपोज एक्सप्रेस का तीखा सवाल
प्रशासन और पुलिस के आला अफसर हर बार बड़े-बड़े मंचों से दावा करते हैं कि बदनापुरा से देह व्यापार और मानव तस्करी के इस कलंक को हमेशा के लिए मिटा दिया गया है। लेकिन 'द एक्सपोज एक्सप्रेस' यह सवाल पूछता है कि अगर कानून का खौफ है, तो बाहर के जिलों से लड़कियाँ लाकर यहाँ धड़ल्ले से कैसे बेची जा रही हैं? क्यों यह बस्ती आज भी तस्करों और दरिंदों के लिए सबसे सुरक्षित मंडी बनी हुई है? क्या सिर्फ एक ताला तोड़ देने और केस दर्ज कर लेने भर से यह नरक बंद हो जाएगा, या फिर किसी ठोस और परमानेंट एक्शन की ज़रूरत है?
सोचिएगा ज़रूर...
*ग्वालियर और चंबल संभाग की हर छोटी-बड़ी और सटीक खबर के लिए पढ़ते रहि
द एक्सपोज एक्सप्रेस

