ग्वालियर । 06/06/2026
ग्वालियर पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर उस कथित 'सनसनीखेज लूट' की हवा निकाल दी है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा रखा था। पुलिसिया तफ्तीश में जो सच बाहर आया है, वो किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। जिसे लोग बड़ी वारदात मान रहे थे, वो दरअसल घर के ही भेदियों द्वारा रचा गया एक हाई-वोल्टेज ड्रामा निकला। ननद के अरमानों और उसकी जिंदगी भर की पूंजी पर डाका डालने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना सगा भाई और सगी भाभी ही निकले।
मास्टरमाइंड भाई-भाभी और उनके गुर्गे गिरफ्तार
पुलिस ने इस पूरी साज़िश का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी शुभम श्रीवास्तव, उसकी पत्नी पिंकी श्रीवास्तव, सोनू जाटव और आसिफ खान को धर दबोचा है। इन चारों शातिरों पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। इनके पास से पुलिस ने ढाई लाख रुपये कैश और लगभग 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।
AC सर्विस के बहाने रेकी, फिर लिखी गई साज़िश की इबारत
कहानी की शुरुआत होती है लालच से। शुभम और उसकी पत्नी पिंकी की नज़र शुभम की बहन मोनिका के लाखों के जेवरों पर थी। जब कुछ दिन पहले घर में एसी (AC) सर्विस का काम चल रहा था, तब इन दोनों ने मोनिका को अलमारी में जेवर रखते हुए देख लिया था। बस, इसी पल से इनके दिमाग में साज़िश का कीड़ा कुलबुलाने लगा।
5 जून का वो 'क्राइम सीन'
प्लान के मुताबिक, 5 जून को जैसे ही मोनिका घर से बाहर गई, साज़िश को अमली जामा पहनाया गया। अंदर बैठी भाभी पिंकी ने खुद घर का दरवाजा खोला। बाहर खड़े पति शुभम और उनके साथी सोनू जाटव फौरन अंदर दाखिल हुए। दोनों ने लोहे की रॉड से अलमारी का लॉक तोड़ा और पलक झपकते ही 50 लाख के जेवर और कैश साफ कर दिया।
खुद का खून बहाया ताकि पुलिस खा जाए गच्चा
इस कहानी का सबसे चौंकाने वाला मोड़ वारदात के बाद आया। पुलिस को पूरी तरह गुमराह करने और खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए पिंकी ने खुद ही घर का कांच तोड़ा और उससे अपने आप को घायल कर लिया। उसने पुलिस के सामने ऐसा नाटक किया जैसे लुटेरों ने उस पर हमला किया हो। लेकिन वो कहते हैं ना कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है।
CCTV और टेक्निकल इनपुट ने बिगाड़ा खेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस की टीम ने जब बारीकी से तफ्तीश शुरू की, तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए और मोबाइल लोकेशन जैसी तकनीकी कड़ियों को जोड़ा गया, तो पिंकी और शुभम का झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
पूछताछ में जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। लूटा हुआ सारा माल जनकगंज इलाके में रहने वाले आसिफ खान के घर पर छुपाया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी सोनू जाटव के पास से जब्त कर ली गई है।
फिलहाल, चारों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और पुलिस इनसे आगे की पूछताछ कर रही है। पर इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लालच में आकर जब अपने ही आस्तीन के सांप बन जाएं, तो फिर बाहर के दुश्मनों की जरूरत नहीं पड़ती।


