कोषाध्यक्ष पंकज जायसवाल ने खुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि वायरल हो रहे ऑडियो में अनिल राठौर से उनकी बातचीत हुई है। इस कबूलनामे के बाद अब मामला महज किसी बनावटी रिकॉर्डिंग या अफवाह का नहीं रह जाता, बल्कि इसने आतिशबाजी संघ के भीतर चल रही खींचतान की परतें और गहरी खोल दी हैं।
पंकज जायसवाल की इस पुष्टि ने अनिल राठौर के बदले सुरों पर मुहर लगा दी है। पहले सचिव हरीश दीवान के साथ बातचीत में पंकज जायसवाल के खिलाफ बयानबाजी करना, और फिर खुद जायसवाल के सामने सफाई पेश करना, अनिल राठौर की दोहरी भूमिका को पूरी तरह उजागर करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अनिल राठौर आखिर किस खेमे के साथ खड़े हैं? क्या यह सिर्फ अपनी साख बचाने की कोशिश है या फिर कमेटी के भीतर किसी बड़े दबाव में आकर अपने ही बयानों से पलटा जा रहा है?
जायसवाल की इस पुष्टि के बाद अब गेंद सचिव हरीश दीवान और कमेटी के अन्य पदाधिकारियों के पाले में है। दुकानों के आवंटन, बिजली शुल्क की सादी रसीदें और अब सीधे तौर पर बातचीत की पुष्टि के बाद यह साफ हो चुका है कि यह विवाद आसानी से थमने वाला नहीं है। देखना यह होगा कि कमेटी इस ऑडियो वार के सच को स्वीकार करती है या मामला और तूल पकड़ता है।

